बुधवार, 4 जून 2014
मैं खुद भी सोचती हूँ ये क्या मेरा हाल है
मैं खुद भी सोचती हूँ ये क्या मेरा हाल है
जिसका जवाब चाहिए वो क्या सवाल है ..?
खोने पाने का कोई डर नहीं और ग़म नहीं
खोने पाने का कोई डर नहीं और ग़म नहीं
न प्यार इस से , उस से कुछ बेरहम नहीं..!!
नेकिया कम पड़ रही थी अमले अमल में
नेकिया कम पड़ रही थी अमले अमल में,
सुक्र है कि दुश्मनों की गलियाँ काम आ गई....!!
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मंगलवार, 20 मई 2014
दलील थी न हवाला था उनके पास
दलील थी न हवाला था उनके पास,
अजीब लोग थे बस इख्तेलाफ़ रखते थे
..!!
सोमवार, 5 मई 2014
ज़मीर मरता है एहसास की ख़ामोशी से
ज़मीर मरता है एहसास की ख़ामोशी से
ये वो मौत है जिसकी खबर नहीं होती...!!
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